ANGARAK YOG 2022 : 27 जून को मंगल ग्रह के राशि परिवर्तन से बन रहा है अंगारक योग।

मंगल मेष राशि में 27 जून को गोचर करने जा रहा है। वैदिक ज्योतिष में मंगल को ऊर्जा, सेना, पराक्रम का कारक ग्रह माना गया है। मंगल देव के ही आधिपत्य वाली राशि होने के साथ-साथ अग्नि तत्व की राशि है। मंगल ग्रह स्वयं एक अग्नि तत्व प्रधान ग्रह है। ऐसे में मेष राशि में मंगल का गोचर काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। मेष राशि में पहले से ही राहु गोचर कर रहे हैं। ऐसे में मंगल और राहु का संयुक्त प्रभाव देखने को मिलेगा। दरअसल, इसी अंगारक योग कहते हैं।

अंगारक योग का निर्माण:

राहु और मंगल की युति से अंगारक योग का निर्माण होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अंगारक योग को अशुभ माना जाता है। इस योग में शुभ व मांगलिक कार्यों को करने की मनाही होती है। राहु और मंगल की युति का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ने वाला है। इस युति से कई राशि वालों को सफलता मिलेगी वहीं कई राशि वालों को कष्ट का सामना करना पड़ सकता है। इस योग के कारण देश के कई हिस्सों में हिंसक और यातायात की दुर्घटनाएं बढ़ने की संभावनाएं होती है।

अंगारक योग के लक्षण:

अंगारक योग का फल अंगारक योग के कारण व्यक्ति के स्वभाव में उग्रता और क्रोध की स्थिति बढ़ जाती है। व्यक्ति बात-बात पर भड़क उठता है और कभी-कभी हिंसा करने पर भी आतुर हो जाता है। मंगल को उग्र ग्रह माना गया है। मंगल को ग्रहों में सेनापति माना गया है। लेकिन जब ये राहु के साथ आ जाता है तो व्यक्ति क्रोध में गलत कदम उठा लेता है। अंगारक योग के दौरान अग्नि और वाहन आदि के प्रयोग में भी सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं वाद विवाद से भी दूर रहना चाहिए।

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