Venus Transit 2022 : शुक्र ग्रह करने जा रहे है राशि परिवर्तन जानिए कैसा रहेगा इसका प्रभाव ।

ज्योतिष शास्त्र में शुक्रदेव को सुख, वैभव और ऐश्वर्य आदि का कारक माना गया है। कहा जाता है कि शुक्रदेव जन्म कुंडली में उच्च स्थान पर हो तो जातक को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। शुक्र ग्रह इस बार 18 जून को अपनी स्वराशि वृषभ में प्रवेश करेंगे। ऐसे में शुक्र का अपनी ही वृषभ राशि में गोचर करना किसी न किसी रूप से आवश्यक ही समस्त जातकों के जीवन पर प्रभाव डालने वाला है। तो आइए जानते है इस गोचर काल की अवधि के दौरान हर राशि के जातकों के जीवन पर कैसा प्रभाव देखने को मिलेगा।

मेष:

मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र उनके द्वितीय और सप्तम भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में अपनी गोचरीय स्थिति में वे आपके द्वितीय भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में शुक्र का ये गोचर आपके परिवार और धन भाव के लिए बहुत ही शुभ रहने वाला है।

वृषभ:

शुक्र का वृषभ राशि में गोचर प्रथम भाव में ही होगा। प्रथम भाव आत्मा, मानसिक क्षमताओं और सांसारिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। ऐसे में यह गोचर आपके लिए विशेष महत्वपूर्ण रहने वाला है। शुक्र देव की कृपा से आपका व्यक्तित्व निखरकर सामने आएगा।

मिथुन:

मिथुन राशि के जातकों लिए शुक्र बारहवें भाव के साथ ही उनके पंचम भाव के स्वामी भी होते हैं और अब ये ग्रह आपके विदेश यात्रा, व्यय, हानि और मानसिक स्वास्थ्य के बारहवें भाव में गोचर करेंगे।

कर्क:

कर्क राशि वाले जातकों के लिए शुक्र ग्यारहवें और चौथे भाव के स्वामी हैं और अब इस गोचर के दौरान वे आपके एकादश भाव में विराजमान होंगे। इस भाव से हम मित्रों, लाभ, आय और इच्छाओं को देखते हैं। ऐसे में शुक्र के गोचर की ये स्थिति आपकी आय में वृद्धि लेकर आएगी।

सिंह:

सिंह राशि के जातकों के लिए शुक्र दशम और तृतीय भाव के स्वामी होते हैं और वर्तमान गोचरीय स्थिति में यह ग्रह आपके करियर, प्रसिद्धि और सामाजिक स्थिति के दशम भाव में गोचर करेंगे। दशम भाव में शुक्र का ये गोचर आपको कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त होने के योग बनाएगा।

कन्या:

कन्या राशि के जातकों के लिए शुक्र नौवें और दूसरे भाव के स्वामी होते हैं और वृषभ राशि में अपने गोचर के दौरान शुक्र देव आपके नवम भाव में विराजमान होंगे। नवम भाव में शुक्र का गोचर आपके किसी ऐसी यात्रा पर जाने के योग बनाएगा, जो आगे चलकर आपके लिए एक लाभकारी यात्रा सिद्ध होगी।

तुला:

तुला राशि के जातकों के लिए शुक्र उनके आठवें और पहले भाव के स्वामी होते हैं और अब वर्तमान में यह आपके आठवें भाव में गोचर करेंगे। जो कि विरासत, मनोगत विज्ञान, लड़ाइयों और विरासत का प्रतिनिधित्व करता है।

वृश्चिक:

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शुक्र सप्तम और द्वादश भाव के स्वामी होते हैं और अब शुक्र का यह गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होने जा रहा है। यह भाव विवाह, साझेदारी और दीर्घकालिक समझौतों का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में सप्तम भाव में शुक्र का गोचर शादीशुदा जातकों के लिए विशेष महत्वपूर्ण रहने वाला है।

धनु:

धनु राशि के जातकों के लिए शुक्र उनके षष्ठम और एकादश भाव के स्वामी होते हैं और अब यह आपके षष्ठम भाव में गोचर करेंगे। यह भाव स्वास्थ्य, काम और दिनचर्या का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में इस भाव में शुक्र का गोचर करना आपको अपने प्रेम जीवन में कई चुनौतियों देने वाला है।

मकर:

मकर राशि के जातकों के लिए शुक्र उनके पंचम और दशम भाव के स्वामी होते हैं और अब यह वर्तमान गोचरीय स्थिति में आपके पंचम भाव में ही गोचर करेंगे। यह भाव प्रेम संबंधों, अवकाश, आनंद, संतान, शिक्षा का प्रतिनिधित्व करता है।

कुंभ:

कुंभ राशि के जातकों के लिए शुक्र नवम और चतुर्थ भाव के स्वामी हैं और अब शुक्र का यह गोचर आपके चतुर्थ भाव में ही होगा। चतुर्थ भाव से आपके परिवार और संबंधों, संपत्ति और गृह जीवन और मां के बारे में विचार किया जाता है। ऐसे में यह गोचर कुंभ राशि के जातकों के लिए कुछ ख़र्चे लेकर आ रहा है।

मीन:

मीन राशि के जातकों के लिए शुक्र तीसरे और आठवें भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके तीसरे घर में ही गोचर करेंगे। ऐसे में शुक्र का आपकी राशि से इस भाव में उपस्थित होना सबसे अधिक मीडिया, कला व अभिनय से जुड़े जातकों को अपने कार्यक्षेत्र में अपार लाभ प्राप्ति होने के योग बनाएगा।

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