जानिए अष्टमी और रामनवमी के दिन कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त ।

चैत्र नवरात्र पर्व इस वर्ष 13 अप्रैल से शुरू हो चुका है। ऐसे में जहां 20 अप्रैल को अष्टमी तो उसके अगले दिन नवमी रहेगी।दरअसल अन्य नवरात्रियों से अलग चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि पर रामनवमी का पर्व मनाया जाता है।मान्यता है कि इसी दिन भगवान राम जी काजन्म भी हुआ था, ऐसे में इस बार बुधवार, 21 अप्रैल को रामनवमी पड़ रही है।वहीं इस बार अष्टमी और नवमी पर विशेष मुहूर्त भी बन रहे हैं |

दरअसल इस बार 20 अप्रैल को सुबह 12 बजकर 01 मिनट से अष्टमी तिथि का आरंभ होगा, जो 21 अप्रैल की सुबह 12 बज कर 43 मिनट तक रहेगी।वहीं इसके बाद नवमी तिथि शुरू होगी, जो 22 अप्रैल की सुबह 12 बज कर 35 मिनट तक रहेगी और इसी दिन रामनवमी पर्व मनाया जायेगा।अष्टमी व नवमी दोनों दिनों में कन्या पूजन के लिए शुभ समय पड़ रहा है |

अष्टमी का पूजन:

नवरात्रि में अष्टमी तिथि का बहुत महत्व होता है। नवरात्रि में पड़ने वाली दुर्गा अष्टमी को महाअष्टमी भी कहा जाता है।अष्टमी के अगले दिन नवमी तिथि पर नवरात्रि का समापन होता है। नवरात्रि पर अष्टमी पूजा का विशेष महत्व होता है।अष्टमी तिथि पर मंत्रोचार और हवन के माध्यम से मां दुर्गा से सुख-समृद्धि, मान-सम्मान और आरोग्यता का आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। अष्टमी तिथि पर कुछ विशेष उपाय करने से मां शक्ति की उपासना करने पर व्यक्ति के हर तरह कष्ट दूर हो जाते हैं।

अष्टमी तिथि पर पड़ रहे ये शुभ मुहूर्त:

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04 बजकर 11 मिनट से, अप्रैल 21 से 04 बजकर 55 मिनट तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 17 मिनट से दोपहर 03 बजकर 08 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06 बजकर 22 मिनट से शाम 06 बजकर 46 मिनट तक
अमृत काल मुहूर्त: अप्रैल 21 की सुबह 01 बजकर 17 मिनट से, प्रात: 02 बजकर 58 मिनट तक

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