Kalashtami : जानिए कब है कालाष्टमी आज या कल?

कालाष्टमी हर माह की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है| फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि यानी कि आज 5 मार्च शुक्रवार को कालाष्टमी मनाई जाएगी| हालांकि, कालाष्टमी शाम को अष्टमी लगने के बाद ही शुरू होगी| ऐसे में व्रत कल यानी कि 6 मार्च को ही रखा जाएगा क्योंकि व्रत उदया तिथि में रखे जाते हैं| कालाष्टमी के दिन भगवान शिव का विग्रह रूप माने जाने वाले कालभैरव की पूजा अर्चना की जाती है| कालभैरव को शिव का पांचवा अवतार माना गया है|

कालाष्टमी का शुभ मुहूर्त:

कालाष्टमी का आरंभ– 5 मार्च, शुक्रवार शाम 7 बजकर 54 मिनट से (अष्टमी तिथि 5 मार्च शाम से शुरू हो रही है)

फाल्गुन कृष्ण अष्टमी समाप्त– 6 मार्च, रविवार शाम 6 बजकर 10 मिनट पर

भगवान काल भैरव का स्वरुप:

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कालभैरव के दो रूप हैं- पहला बटुक भैरव जो भक्तों को अभय देने वाले सौम्य रूप में प्रसिद्ध हैं तो वहीं काल भैरव अपराधिक प्रवृतियों पर नियंत्रण करने वाले भयंकर दंडनायक हैं| भगवान भैरव के भक्तों का अनिष्ट करने वालों को तीनों लोकों में कोई शरण नहीं दे सकता| पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव की पूजा अर्चना करने से व्यक्ति भयमुक्त होता है और उसके जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाती है|मान्यता यह भी है कि इस दिन भगवान भैरव की पूजा करने से रोगों से भी मुक्ति मिलती है|

कहते हैं काल भैरव की विधिवत पूजा करने से मन के भय दूर हो जाते हैं और सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं| साथ ही कालभैरव की पूजा करने वालों से नकारात्मक शक्तियां भी दूर रहती हैं| काल भैरव की पूजा करने से शनि और राहू जैसे ग्रह भी शांत हो जाते हैं|कालभैरव की पूजा करने से शत्रु बाधा और दुर्भाग्य दूर होता है और सौभाग्य जाग जाता है|

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