CHANDRA GRAHAN 2020 : गर्भवती महिलाएं चंद्र ग्रहण में इन 7 बातों का रखें ध्यान।

वर्ष 2020 का आखिरी चंद्र ग्रहण 30 नवंबर दिन सोमवार को लग रहा है। इस दिन चंद्र ग्रहण भारत समेत कई देशों में देखने को मिलेगा। चंद्र ग्रहण का व्यक्ति पर प्रभाव पड़ता है। उससे बचने के लिए ज्योतिष उपाय बताए जाते हैं। चन्द्र ग्रहण के वक्त गर्भवती महिलाओं को कुछ विशेष बातों का खास ख्याल रखना चाहिए, नहीं तो, इस दौरान लापरवाही बरतने पर शिशु के स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है।

चंद्र ग्रहण: गर्भवती महिलाएं क्या करें, क्या न करें:

1. मान्यता है कि चंद्र ग्रहण गर्भवती महिलाओं के लिए अशुभ प्रभाव वाला देने वाला होता है, इसलिए ग्रहण की अवधि में इनको घर में रहने की सलाह दी जाती है।

2. चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सब्जी काटना, कपड़े सीना आदि कार्यों में धारदार उपकरणों का उपयोग करने से बचना चाहिए। इससे गर्भस्थ शिशु को शारीरिक दोष हो सकता

3. चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सोना, खाना पकाना और सजना-संवरना नहीं चाहिए।

4. ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए गर्भवती महिला को तुलसी का पत्ता जीभ पर रखकर हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए।

5. इस दौरान देव मंत्रों के उच्चारण से भी ग्रहण के दुष्प्रभाव से रक्षा होती है।

6. ग्रहण की समाप्ति के बाद गर्भवती महिला को पवित्र जल से स्नान करना चाहिए, नहीं तो उसके शिशु को त्वचा संबधी रोग होने की आशंका होती है।

चंद्र ग्रहण के दौरान मानसिक रूप से मंत्र जाप का बड़ा महत्व है। गर्भवती महिलाएं इस दौरान मंत्र जाप कर अपनी रक्षा कर सकती है। इससे स्वयं के और गर्भस्थ शिशु के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक और उत्तम असर पड़ता है।

चंद्र ग्रहण का प्रभाव:

चंद्र ग्रह को मन-मस्तिष्क, माता एवं द्रव्य पदार्थ का कारक माना जाता है। चंद्र ग्रहण का मानव जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है। ऐसा माना जाता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान अत्याधिक पीड़ा से गुजरना पड़ता है, इस वजह से वो अशुभ फल देता है। इस चंद्र ग्रहण का वृष राशि के जातकों पर विशेष प्रभाव देखने को मिलेगा। इस दौरान स्वास्थ्य और धन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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