आज सोम प्रदोष व्रत के दिन करे यह खास उपाय और पाए हर क्षेत्र में तरक्की |

मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को सोम प्रदोष व्रत है। आज सोम प्रदोष के दिन भगवान शंकर के निमित्त व्रत करना चाहिए। इससे व्यक्ति के सुख-सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है और जीवन में वैभव प्राप्त होता है | साथ ही किसी भी प्रदोष व्रत में प्रदोष काल का बहुत महत्व होता है | रात्रि के प्रथम प्रहर, यानी शाम के समय सूर्यास्त के बाद के समय को प्रदोष काल कहते हैं | त्रयोदशी की रात के पहले प्रहर में जो व्यक्ति किसी भेंट के साथ शिव प्रतिमा के दर्शन करता है – वह शुभ फलों को प्राप्त करता है |

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बिजनेस की बढ़ोतरी के लिये:

आज के दिन रंगोली वाले पांच अलग-अलग रंग लें और शाम के समय शिव मन्दिर में जाकर उन रंगों से एक छोटी – सी गोल आकृति में रंगोली बनाएं। और इस रंगोली के बींचो-बीच घी का दीपक जलाएं और अपने बिजनेस की बढ़ोतरी के लिये भगवान से प्रार्थना करें। आज के दिन ऐसा करने से आपके बिजनेस में आ रही समस्याओं का अंत होगा और बढ़ोतरी होगी |

किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता पाने के लिये:

आज के दिन बेल पत्र से भगवान शंकर का पूजन करें। शिवलिंग पर बेल पत्र चढ़ाते समय “ऊँ नमः शिवाय” मंत्र का जाप जरूर करें | आज के दिन ऐसा करने से आपको अपने सभी काम में सफलता प्राप्त होगी |

शत्रुओं को परास्त करने के लिये या किसी मुकदमे में जीत हासिल करने के लिये :

आज के दिन शिवलिंग पर ‘ऊँ नमः शिवाय’ बोलते हुए धतूरा चढ़ाएं। आज के दिन ऐसा करने से आपको शत्रुओं पर विजय मिलेगी और मुकदमे में जीत भी हासिल होगी |

हर समय किसी न किसी चीज़ का भय बना रहता है, तो इसके लिये:

आज शाम के समय शिव जी की प्रतिमा के आगे दीपक जलाकर, आसन बिछाकर पश्चिम दिशा की ओर मुंह करके बैठना चाहिए और संभव हो तो रुद्राक्ष या चंदन की माला से “ऊँ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। अगर आपके पास रुद्राक्ष या चन्दन की माला उपलब्ध नहीं है तो करमाला पर गिनकर 108 बार मंत्र का जाप कर लें। आज के दिन ऐसा करने से आपको कभी किसी चीज़ का भय नहीं होगा और स्वयं के अंदर एक नयी ऊर्जा महसूस करेंगे।

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घर की सुख-समृद्धि को किसी की नजर ना लगे, इसके लिये:

आज के दिन हाथ में जौ का आटा लेकर भगवान शंकर के चरणों में स्पर्श कराकर, बाद में उस जौ के आटे की रोटियां बना लें और गाय के बछड़े या बैल को खिला दें। आज के दिन ऐसा करने से आपके घर की सुख-समृद्धि को किसी की नजर नहीं लगेगी |

मानसिक रूप से शांति प्राप्त करने के लिये:

आज के दिन सुबह के समय भगवान शिव की मूर्ति या तस्वीर के आगे आसन बिछाकर बैठ जायें। मूर्ति स्थापना और आसन बिछाते समय इस बात का ध्यान रखें कि आसन पर बैठते समय आपका मुंह पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए और भगवान की प्रतिमाठीक आपके सामने होनी चाहिए। इस तरह सब अच्छे से व्यवस्थित होने के बाद केवल “ऊँ”शब्द का तेज आवाज़ में गहरी सांस लेकर उच्चारण करें । ऐसा कम से कम 11 बार करना चाहिए |

मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिये:

आज के दिन दूध में थोड़ा-सा केसर और कुछ फूल डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। आज के दिन ऐसा करने से आपको मनचाहा जीवनसाथी मिलेगा और आप दोनों के बीच प्यार बना रहेगा |

अच्छे स्वास्थ्य के लिये और एक बेहतर जीवन के लिये:

आज के दिन सुबह स्नान आदि रोजमर्रा के कार्यों से निवृत्त होकर अपने घर के आस-पास किसी शिव मन्दिर में जायें और वहां जाकर शुद्ध जल में दूध और गंगाजल डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। साथ ही भगवान से अपने अच्छे स्वास्थ्य और बेहतर जीवन के लिये प्रार्थना करें।

समाज में अपना प्रभाव और अपना रूतबा कायम करने के लिये:

आज के दिन बालू, राख, गुड़ और मक्खन मिलाकर शिवलिंग बनाएं और उसका विधि-विधान से पूजन करें। बाद में उस बालू, राख से बनी शिवलिंग को शिव मन्दिर में जाकर रख आयें।

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घर के सदस्यों की खुशहाली के लिये:

सुबह स्नान आदि के बाद शिव मन्दिर जाकर सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल चढ़ाएं और धूप-दीप आदि से भगवान की पूजा करें। शाम के समय फिर से संभव हो तो स्नान करके साफ कपड़े पहनकर शिव मन्दिर जायें। अगर दोबारा स्नान नहीं कर सकते तो केवल हाथ-पैर धोकर, साफ-सुथरे कपड़े पहनकर मन्दिर में जायें और वहां जाकर ठीक सुबह की तरह धूप-दीप आदि से भगवान शंकर की पूजा करें। अगर दोनों समय पूजा करना आपके लिये संभव नहीं है तो केवल शाम के समय शिव पूजा करें और सुबह घर पर ही भगवान का आशीर्वाद ले लें।

धन-सम्पत्ति में वृद्धि के लिये:

आज सोम प्रदोष के दिन सवा किलो साबुत चावल लें और उनमें से कुछ चावल शिव मन्दिर में चढ़ाएं और बाकी चावलों को किसी जरूरतमंद में बांट दें।

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आपके परिवार के किसी भी सदस्य को कोई पुरानी बीमारी है और आप उससे जल्द से जल्द छुटकारा पाना चाहते हैं:

आज शाम के समय घर में किसी एकांत जगह पर आसन बिछाकर बैठ जायें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। मंत्र है-
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
मंत्र जाप करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आपके सामने कोई न आए और जाप के बाद सबसे पहले भगवान शिव के दर्शन करने चाहिए। इस मंत्र का सिर्फ 11 बार जाप करने से ही आपको फायदा देखने को मिलेगा |

अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करे :9810527992 ,9821314408