क्या होता है भाद्रपद मास और कैसे इस महीने में बदल सकता है आपका भाग्य।

भाद्रपद के महीने में पीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए. इससे मन और शरीर की स्थिति उत्तम बनी रहती है. भाद्र का अर्थ है- कल्याण करने वाला. भाद्रपद का अर्थ है – भद्र परिणाम देने वाले व्रतों का महीना. यह महीना लोगों को व्रत, उपवास, नियम तथा निष्ठा का पालन करवाता है. अपनी गलतियों को याद करके उनका प्रायश्चित करने के लिए यह सर्वोत्तम महीना है.

Krishnastrosolutions

मन को शुद्ध करने और पवित्र भाव भरने में यह महीना काफी कारगर है. इसी महीने में गणेश चतुर्थी का बड़ा पर्व मनाया जाता है. श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव और कलंक चतुर्थी भी इसी महीने में आती है. इस बार भाद्रपद का महीना 16 अगस्त से 14 सितम्बर तक रहेगा.

भाद्रपद मास के नियम और सावधानियां क्या हैं ?

  • इस महीने में कच्ची चीजें खाने से परहेज करें.
  • दही का प्रयोग करना पूर्ण रूप से वर्जित है.
  • इस महीने में रक्तचाप बढ़ने की सम्भावना होती है, इसका ध्यान रखना चाहिए.
  • शीतल जल से दोनों वेला स्नान करें, ताकि आलस्य दूर हो पाए.
  • भगवान कृष्ण को तुलसी दल अर्पित करना और तुलसी दल को चाय या दूध में उबालकर पीना अच्छा होगा.

Krishnastrosolutions

भाद्रपद मास के व्रत और त्यौहार कौन कौन से हैं ?

  • इस महीने में गणेश चतुर्थी और गणेश महोत्सव का पर्व आता है.

  • इसी महीने में श्रीकृष्ण, बलराम और राधा का जन्मोत्सव भी आता है.

  • इस महीने में महिलाओं के सौभाग्य का पर्व हरितालिका तीज आती है.

  • इसी महीने में अनंत पुण्य प्राप्त करने का पर्व “अनंत चतुर्दशी” भी आती है.

Krishnastrosolutions

इस माह में श्रीकृष्ण की कृपा कैसे मिलेगी ?

  • इस महीने दही का प्रयोग तो वर्जित है ही परन्तु अगर पूरे माह श्री कृष्ण को पंचामृत से स्नान कराया जाए तो तमाम मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं.
  • जिन लोगों को संतान सुख नहीं है, उन लोगों को इस माह कृष्ण जी के जन्मोत्सव में शामिल होना चाहिए.
  • इस महीने आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए श्रीमदभगवदगीता का पाठ शुभ परिणाम देता है .
  • इस महीने में लड्डू गोपाल और शंख की स्थापना से घर में धन और सम्पन्नता आती है.

Krishnastrosolutions

भगवान् गणेश के आशीर्वाद के लिए इस माह क्या करें ?

  •  विद्या, बुद्धि और ज्ञान के लिए इस माह श्री गणेश की उपासना करें.
  • पीले रंग के भगवान् गणेश की स्थापना करें.
  • नित्य प्रातः उनको दूर्वा और मोदक का भोग लगायें.
  • पूरे माह सात्विक रहें.
  • हर प्रकार की बाधा का नाश होगा.

Krishnastrosolutions

अगर जीवन में कोई खराब ग्रह-दशा आने वाली हो तो-

  •  जिस ग्रह की खराब दशा आने वाली हो, उस ग्रह के सम्बंधित दिन उपवास रखें। (शनिवार को उपवास ना रखे।)
  • उस दिन शिवलिंग पर उस ग्रह से सम्बंधित वस्तु अर्पित करें।
  • इसके बाद “नमः शिवाय” की 11 माला जाप करें।
  • ग्रह दशा का प्रभाव खराब नहीं रह जाएगा।

सटिक उपायो के लिए अपनी कुण्‍डली का विश्‍लेषण करवाये

अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करे :9810527992 ,9821314408