मंगल होता है ऐसे शुभ, यह 7 आसान से प्रयोग कर के देखें|

मंगल मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी माना गया है। ग्रहों में इसे सेनापति का दर्जा प्राप्त है। यह ग्रह दशम स्थान का कारक है। इसके शुभ होने पर उच्च राजयोग बनता है। जातक में नेतृत्व क्षमता आती है।
पराक्रम-साहस आता है। मंगल के अरिष्ट शांति हेतु श्री नवग्रह शांति चालीसा एवं श्री नवग्रह शांति विधान करके अपना सौभाग्य जगा सकते हैं।

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मंगल अशुभ अथवा कमजोर हो तो हनुमान जी की पूजा,हनुमान चालीसा,सुंदरकांड का पाठ,बजरंग बाण लाभदायक होता है। मंगल के कारण विवाह बाधा हो तो मंगल चंडिका स्तोत्र का पाठ लाभ देता है।

 सरलतम उपाय:

  • लाल कपड़े में सौंफ बांधकर अपने शयनकक्ष में रखें।

  •  मंगल प्रभावित व्यक्ति अपने घर में लाल पत्थर अवश्य लगवाएं।

  •  लाल वस्त्र में दो मुठ्ठी मसूर की दाल बांधकर मंगलवार के दिन किसी भिखारी को दान करें।

  • मंगलवार के दिन हनुमानजी के चरण से सिंदूर लेकर उसका टीका माथे पर लगाना चाहिए।

  • बंदरों को गुड़ और चने खिलाएं।

  • अपने घर में लाल पुष्प वाले पौधे या वृक्ष लगाकर उनकी देखभाल करनी चाहिए।

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